तुझे प्यार में कई बार ख़त लिखे मगर
तुझ तक कोई ख़त कभी पंहुचा भी न सका
जब जब तुम मिले होठों को सी लिया मैंने
चेहरे की बैचैनी मगर तुझसे छुपा भी न सका
मेरा प्यार बंद रहा लिफाफों में खतों के साथ
तेरी ही दौलत थी और तुझ पर लुटा भी न सका
तेरी ही यादों की खुशबु है मेरी शायरी के गुलशन में
कोई फूल तेरी जुल्फों में मगर सजा भी न सका
मेरे रंज ओ गम की दवा करता भी कोन "तोमर"
तेरे प्यार की निशानी थे ये जख्म किसी को दिखा भी न सका
डॉ. विकास तोमर
5 apr 10
जब जब तुम मिले होठों को सी लिया मैंने
चेहरे की बैचैनी मगर तुझसे छुपा भी न सका
मेरा प्यार बंद रहा लिफाफों में खतों के साथ
तेरी ही दौलत थी और तुझ पर लुटा भी न सका
तेरी ही यादों की खुशबु है मेरी शायरी के गुलशन में
कोई फूल तेरी जुल्फों में मगर सजा भी न सका
मेरे रंज ओ गम की दवा करता भी कोन "तोमर"
तेरे प्यार की निशानी थे ये जख्म किसी को दिखा भी न सका
डॉ. विकास तोमर
5 apr 10
Jun 7 (4 days ago)
unusually busy..
wah...kya baat hai....sir
bht khoob....shayad aisa hi hota hai pyar ka ehsaas...
bht accha likha hai....
best wishes:)
bht khoob....shayad aisa hi hota hai pyar ka ehsaas...
bht accha likha hai....
best wishes:)
Jun 8 (3 days ago)
MADHUSUDAN`S
मेरा प्यार बंद रहा लिफाफों में खतों के साथ
तेरी ही दौलत थी और तुझ पर लुटा भी न सका
bahut achha likha vikas ji
तेरी ही दौलत थी और तुझ पर लुटा भी न सका
bahut achha likha vikas ji
Jun 8 (3 days ago)
jyotika
wah vikas bhai kiya khoob kaha aap ne ek terfa pyaar kiya hota hai usko kavita ka roop diya hatsoff
Jun 9 (2 days ago)
Gurpreet Maan
तुझे प्यार में कई बार meine ख़त लिखे मगर
तुझ तक कोई ik ख़त, कभी पंहुचा भी न सका
होठों को सी लिया k jb bhi ho tum mile
चेहरे की बैचैनी मगर छुपा भी न सका
रहा jo प्यार बंद लिफाफों में खतों के साथ
थी तेरी ही दौलत तुझ पर लुटा भी न सका
यादों se mehkta hai मेरी शायरी ka गुलशन
कोई फूल pr जुल्फों में mein सजा भी न सका
रंज ओ गम की दवा करता भी कोन "तोमर"
जख्म-e-pyar किसी को दिखा भी न सका
डॉ. विकास तोमर
meine kuch wrds ko idhr udhar kr k ..ehsaason ko same rakhne ki koshish ki hai ..
Gustaakhi hai .. aapko achha na lagge to na apnaNa ..
issmein abhi aur bhi sudhaar ho skta hai ... kavita point of view se ..
else .. ehsaas itne pyare or komal hein .. k inko chhuune se drr lgta hai ..
likhte raho ..
JEO
तुझ तक कोई ik ख़त, कभी पंहुचा भी न सका
होठों को सी लिया k jb bhi ho tum mile
चेहरे की बैचैनी मगर छुपा भी न सका
रहा jo प्यार बंद लिफाफों में खतों के साथ
थी तेरी ही दौलत तुझ पर लुटा भी न सका
यादों se mehkta hai मेरी शायरी ka गुलशन
कोई फूल pr जुल्फों में mein सजा भी न सका
रंज ओ गम की दवा करता भी कोन "तोमर"
जख्म-e-pyar किसी को दिखा भी न सका
डॉ. विकास तोमर
meine kuch wrds ko idhr udhar kr k ..ehsaason ko same rakhne ki koshish ki hai ..
Gustaakhi hai .. aapko achha na lagge to na apnaNa ..
issmein abhi aur bhi sudhaar ho skta hai ... kavita point of view se ..
else .. ehsaas itne pyare or komal hein .. k inko chhuune se drr lgta hai ..
likhte raho ..
JEO
Jun 9 (2 days ago)
anony
तेरे प्यार की निशानी थे ये जख्म किसी को दिखा भी न सका ....
wonderful lines TOMARJI.....
bahut acchhi rachna!
wonderful lines TOMARJI.....
bahut acchhi rachna!
Jun 10 (1 day ago)
डॉ. विकास तोमर
sabhi doston ka haardik aabhar .... apna pyar mujh par banaye rakhe
Jun 10 (1 day ago)
डॉ. विकास तोमर
mann saab aapki gustakhi bahaut achhi lagti hai .....
corrections karte rahen ..... jeo
corrections karte rahen ..... jeo
3:01 am (5 hours ago)
***GOVIND***
U R g8 Doctor Saheb !!!!
तुझे प्यार में कई बार ख़त लिखे मगर
तुझ तक कोई ख़त कभी पंहुचा भी न सका
जब जब तुम मिले होठों को सी लिया मैंने
चेहरे की बैचैनी मगर तुझसे छुपा भी न सका
मेरा प्यार बंद रहा लिफाफों में खतों के साथ
तेरी ही दौलत थी और तुझ पर लुटा भी न सका
तेरी ही यादों की खुशबु है मेरी शायरी के गुलशन में
कोई फूल तेरी जुल्फों में मगर सजा भी न सका
मेरे रंज ओ गम की दवा करता भी कोन "तोमर"
तेरे प्यार की निशानी थे ये जख्म किसी को दिखा भी न सक
तुझ तक कोई ख़त कभी पंहुचा भी न सका
जब जब तुम मिले होठों को सी लिया मैंने
चेहरे की बैचैनी मगर तुझसे छुपा भी न सका
मेरा प्यार बंद रहा लिफाफों में खतों के साथ
तेरी ही दौलत थी और तुझ पर लुटा भी न सका
तेरी ही यादों की खुशबु है मेरी शायरी के गुलशन में
कोई फूल तेरी जुल्फों में मगर सजा भी न सका
मेरे रंज ओ गम की दवा करता भी कोन "तोमर"
तेरे प्यार की निशानी थे ये जख्म किसी को दिखा भी न सक
A.V.
bahut khub, bahut sahi likha hai
Jun 8 (3 days ago)
ARCHA
nice lines
10:10 pm (10 hours ago)
chhotubaddu
WAh !!! HAzuur WAH!!!!! from whole @Dalhousie,HP @
Daad To bantee he hai Janabb....
2:05 am (6 hours ago)
Er. Pratham
Dr. Sahab
Badi hi pyari kavita lagi..
very nice..
mafi chahunga sir kuch dino ke liye community se dur rahna
pada mujhe.. exam ke karan.. but ab aa gaya hun..
Badi hi pyari kavita lagi..
very nice..
mafi chahunga sir kuch dino ke liye community se dur rahna
pada mujhe.. exam ke karan.. but ab aa gaya hun..

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