
मेरे दिल के हर जखम पर एक पैगाम लिखा है
तू न पहचान पर लहू की हर बूँद पर तेरा नाम लिखा है
तेरी जुल्फ के पेंच से में निकल न पाया आज तक
आँख के हर आंसू ने तुज पर ये इल्जाम लिखा है
मिटता ही नही हाथो से लाखो कोशिशे की मैंने
खुदा ने इन lakiro में ख़ुद तेरा नाम लिखा है
ये मेरी दीवानगी है या तेरी चाहत का इनाम है
कोई आवारा कहता ही मुझे किसी ने बदनाम लिखा है
आ जाओ एक बार देख लू तुम्हे मरने से पहले
न जाने जिन्दगी के किस मोड़ पर जिन्दगी की शाम लिखा है
मेरी चाहत को आवारा न समाज रुसवा न करूँगा तुझको
अपने प्यार की गीता में मैंने तुझको ही भगवान् लिखा है
चाहत हमेशा दुःख देती है तुने प्यार किया क्यों "तोमर"
अब पछताए क्या होता है तुने ख़ुद अपना अंजाम लिखा है
1:45 pm (2 minutes ago)
Rajni Nayyar
मिटता ही नही हाथो से लाखो कोशिशे की मैंने
खुदा ने इन lakiro में ख़ुद hi तेरा नाम लिखा है
ये मेरी दीवानगी है या तेरी चाहत का इनाम है
कोई आवारा कहता ही मुझे किसी ने बदनाम लिखा है
आ जाओ एक बार देख लू तुम्हे मरने से पहले
न जाने जिन्दगी के किस मोड़ पर जिन्दगी की शाम लिखा है
मेरी चाहत को आवारा न समाज रुसवा न करूँगा तुझको
अपने प्यार की गीता में मैंने तुझको ही भगवान् लिखा है
saari lines gahra bhav aur dard liye hai sir..............
bahut sunder aankhen nam hoti hain aisi rachnaaye padh kar..
खुदा ने इन lakiro में ख़ुद hi तेरा नाम लिखा है
ये मेरी दीवानगी है या तेरी चाहत का इनाम है
कोई आवारा कहता ही मुझे किसी ने बदनाम लिखा है
आ जाओ एक बार देख लू तुम्हे मरने से पहले
न जाने जिन्दगी के किस मोड़ पर जिन्दगी की शाम लिखा है
मेरी चाहत को आवारा न समाज रुसवा न करूँगा तुझको
अपने प्यार की गीता में मैंने तुझको ही भगवान् लिखा है
saari lines gahra bhav aur dard liye hai sir..............
bahut sunder aankhen nam hoti hain aisi rachnaaye padh kar..
12:20 pm (1 hour ago)
kritika
मिटता ही नही हाथो से लाखो कोशिशे की मैंने
खुदा ने इन lakiro में ख़ुद hi तेरा नाम लिखा है
tomar ji kya baat h bahut khub,realy har ek line tareef-e-kabil hai or ye lines bahut bahut bahut hi pasand aayi
खुदा ने इन lakiro में ख़ुद hi तेरा नाम लिखा है
tomar ji kya baat h bahut khub,realy har ek line tareef-e-kabil hai or ye lines bahut bahut bahut hi pasand aayi
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