Tuesday, January 19, 2010

उनकी याद आई है




खामोशी आवाज बन गयी
गाने लगी तन्हाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

ज़माने गुजरे तुमसे मिले हुए
अश्क छुपाये होठों को सिले हुए
मेरा दिल तो सहरा बन गया
तू आज भी पुरवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

हर ख़ुशी अधूरी रह गयी
जिन्दगी मजबूरी रह गयी
शिकवा नहीं करूँगा मगर
ये मेरे प्यार कि रुसवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

तेरे प्यार में ऐसे डूब गये
सजदे में झुके दुआ भूल गए
न तो शहर में दुसमन रहे
न ही कोई आशनाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

डॉ विकास तोमर...


1:44 pm (11 minutes ago)

Rajni Nayyar

bhaiya kya kahun ...............bas aapki dard ki gahraai me dubi ye
rachna mujhe muk kar di hai.........kyonki isme har sbad ander se
aayi aawaz hai....

Jan 19 (1 day ago)

RoHiT.786

thnx

sir aapne to rula he diya

mere life ke bare me likh diya


thankyou u

8:07 pm (16 hours ago)

°ღ•ĹÚČĶŶ●•٠·˙

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है ...

sunder sir ur welcome in this community ... sunder rachna... aap yaha par aaye ... kafi sukhad ahsas hai ye... aapka dhyanywad...

and sir plz date likhe post me .. wo date jis din aapne ye poem likhi taki koi or apne naam se ise show na kar paye...

keep it up...
3:27 am (8 hours ago)

Narinder

vikas sir,,welcome in community..mujhe aapki wait shidat se thi..
Aapki entry jabardast rahi..
ज़माने गुजरे तुमसे मिले हुए
अश्क छुपाये होठों को सिले हुए
मेरा दिल तो सहरा बन गया
तू आज भी पुरवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
wah ! wah!
हर ख़ुशी अधूरी रह गयी
जिन्दगी मजबूरी रह गयी
शिकवा नहीं करूँगा मगर
ये मेरे प्यार कि रुसवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

bhut khub sir,,keep sharing ur marvellous pieces of poetry..
kind regards
9:16 am (2½ hours ago)

manjeet

welcome tomar sir

घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

bahut khubsoorat rachna hai yeh ...... ehsaas bahut hi touchy hai ....... ek behtrin rachna .... thanks for sharin it here
10:28 am (1½ hours ago)

Gurpreet Maan...

Dr. sahb ko to meine prrha hai ,,,
Inki kavita ki ek khaas baat ye hai k saade shbdon mein gehri baat hoti hai ....

acchha likha hai Sir ...

keep shairing...


10:55 pm (13 hours ago)

UK BOY

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है ...................i m ur fan sir ji bhut hi khub likha apne hmesa ki trah bt aj meri ankho ko nam kr diya apke poetry ke last satnaza ne ..........

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ ...........bhut kuch bita yaad a gya
2:27 am (9 hours ago)

Chakresh™ Singh

kaafi ache andaaz mein baat ko rakha hai..........kaafi achi kavita lagi ......

9:03 pm (15 hours ago)

Rajni Nayyar

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

gr8888888888888 big bro.............


9:11 pm (14 hours ago)

Dharmendra

घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

vah kya bat hai ...

तेरे प्यार में ऐसे डूब गये
सजदे में झुके दुआ भूल गए
न तो शहर में दुसमन रहे
न ही कोई आशनाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

very nice .....

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

simply great Dr. sahab....
10:59 pm (12 hours ago)

Deepesh

bahut achhe sir ji,..

Padh ke hum ko bhi maja aa gaya,
ye jo pyaar mein chupi sachhai hai,
1:22 am (10 hours ago)

Creating Myself

achcha likhte ho !!!
8:19 am (3 hours ago)

manjeet

तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है

dil ko chhooti bhavnayein .... sunder kavita tomar sir

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