
खामोशी आवाज बन गयी
गाने लगी तन्हाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
ज़माने गुजरे तुमसे मिले हुए
अश्क छुपाये होठों को सिले हुए
मेरा दिल तो सहरा बन गया
तू आज भी पुरवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
हर ख़ुशी अधूरी रह गयी
जिन्दगी मजबूरी रह गयी
शिकवा नहीं करूँगा मगर
ये मेरे प्यार कि रुसवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
तेरे प्यार में ऐसे डूब गये
सजदे में झुके दुआ भूल गए
न तो शहर में दुसमन रहे
न ही कोई आशनाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
डॉ विकास तोमर...
गाने लगी तन्हाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
ज़माने गुजरे तुमसे मिले हुए
अश्क छुपाये होठों को सिले हुए
मेरा दिल तो सहरा बन गया
तू आज भी पुरवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
हर ख़ुशी अधूरी रह गयी
जिन्दगी मजबूरी रह गयी
शिकवा नहीं करूँगा मगर
ये मेरे प्यार कि रुसवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
तेरे प्यार में ऐसे डूब गये
सजदे में झुके दुआ भूल गए
न तो शहर में दुसमन रहे
न ही कोई आशनाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
डॉ विकास तोमर...
Jan 19 (1 day ago)
RoHiT.786
thnx
sir aapne to rula he diya
mere life ke bare me likh diya
thankyou u
mere life ke bare me likh diya
thankyou u
8:07 pm (16 hours ago)
°ღ•ĹÚČĶŶ●•٠·˙
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है ...
sunder sir ur welcome in this community ... sunder rachna... aap yaha par aaye ... kafi sukhad ahsas hai ye... aapka dhyanywad...
and sir plz date likhe post me .. wo date jis din aapne ye poem likhi taki koi or apne naam se ise show na kar paye...
keep it up...
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है ...
sunder sir ur welcome in this community ... sunder rachna... aap yaha par aaye ... kafi sukhad ahsas hai ye... aapka dhyanywad...
and sir plz date likhe post me .. wo date jis din aapne ye poem likhi taki koi or apne naam se ise show na kar paye...
keep it up...
3:27 am (8 hours ago)
Narinder
vikas sir,,welcome in community..mujhe aapki wait shidat se thi..
Aapki entry jabardast rahi..
ज़माने गुजरे तुमसे मिले हुए
अश्क छुपाये होठों को सिले हुए
मेरा दिल तो सहरा बन गया
तू आज भी पुरवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
wah ! wah!
हर ख़ुशी अधूरी रह गयी
जिन्दगी मजबूरी रह गयी
शिकवा नहीं करूँगा मगर
ये मेरे प्यार कि रुसवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
bhut khub sir,,keep sharing ur marvellous pieces of poetry..
kind regards
Aapki entry jabardast rahi..
ज़माने गुजरे तुमसे मिले हुए
अश्क छुपाये होठों को सिले हुए
मेरा दिल तो सहरा बन गया
तू आज भी पुरवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
wah ! wah!
हर ख़ुशी अधूरी रह गयी
जिन्दगी मजबूरी रह गयी
शिकवा नहीं करूँगा मगर
ये मेरे प्यार कि रुसवाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
bhut khub sir,,keep sharing ur marvellous pieces of poetry..
kind regards
9:16 am (2½ hours ago)
manjeet
welcome tomar sir
घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
bahut khubsoorat rachna hai yeh ...... ehsaas bahut hi touchy hai ....... ek behtrin rachna .... thanks for sharin it here
घुटनों पे गिर के मांगू आदत नहीं
साथी बना लू और कोई हसरत नहीं
खुद ही तू आ जाए किस्मत नहीं
और तो हर कोशिश आजमाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
bahut khubsoorat rachna hai yeh ...... ehsaas bahut hi touchy hai ....... ek behtrin rachna .... thanks for sharin it here
10:28 am (1½ hours ago)
Gurpreet Maan...
Dr. sahb ko to meine prrha hai ,,,
Inki kavita ki ek khaas baat ye hai k saade shbdon mein gehri baat hoti hai ....
acchha likha hai Sir ...
keep shairing...
Inki kavita ki ek khaas baat ye hai k saade shbdon mein gehri baat hoti hai ....
acchha likha hai Sir ...
keep shairing...
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है ...................i m ur fan sir ji bhut hi khub likha apne hmesa ki trah bt aj meri ankho ko nam kr diya apke poetry ke last satnaza ne ..........
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ ...........bhut kuch bita yaad a gya
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है ...................i m ur fan sir ji bhut hi khub likha apne hmesa ki trah bt aj meri ankho ko nam kr diya apke poetry ke last satnaza ne ..........
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ ...........bhut kuch bita yaad a gya
2:27 am (9 hours ago)
Chakresh™ Singh
9:03 pm (15 hours ago)
Rajni Nayyar
तेरे क़दमों के निशां जहा तक मिले
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
gr8888888888888 big bro.............
तेरी तलाश में उससे भी आगे चले
तुम अब भी ना आओ तुम्हारी मर्जी
हमने तो बस प्यार कि रीत निभाई है
धडकनों अब थाम भी जाओ
उनकी याद आई है
gr8888888888888 big bro.............
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