Monday, February 8, 2010

वो जमाना याद आता है मुझे


गुजरे हुए वक़्त का हर अफसाना याद आता है मुझे
हर छोटी सी बात पे तेरा रूठ जाना याद आता है मुझे

दो चोटियों के बीच से झांकता वो मासूम फूल सा चेहरा
जाने अनजाने मेरे दिल को लुभाना याद आता है मुझे

किताब पढ़ते पढ़ते तेरा कहीं अटक जाना अक्सर
और फिर तुझे छेड़कर चिड़ाना याद आता है मुझे

तेरा मुझसे खफा रहना तो रोज की ही बात थी
मगर कभी कभी देखकर मुस्कुराना याद आता है मुझे

तस्वीर तेरी गुस्से में जला दी क़ि भूल पाऊंगा तुझे
फिर वो राख समेटना रोना पछताना याद आता है मुझे

वो लड़कपन के दिन थे क़ि रोज दीदार होता था तेरा
और जवानी क़ि दहलीज पर बिछड़ जाना याद आता है मुझे

वो लम्बी छुट्टियों में सब खुश और हुम उदास रहते थे
दिख जाए तू कही तेरे घर के चक्कर लगाना याद आता है मुझे

नाम था मेरा विकास सब यही कहकर पुकारते थे मुझे
मगर किसी का "तोमर" कहकर बुलाना याद आता है मुझे

तुझे सोचना भी पाप है क़ि तू किसी और क़ि अमानत है अब
समझता हु में भी मगर यूँ ही वो जमाना याद आता है मुझे

डॉ.विकास तोमर
7 feb 2010




8:58 pm (14 hours ago)
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Yogita

bahut he sunder likha tomar ji apne. Bilkul jeevan k palo ko is tarah bayaan kiya k dil ki gehraiyo me utr gai hr pankti. bahut he badhiya....
9:06 pm (13 hours ago)
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The Race

तस्वीर तेरी गुस्से में जला दी क़ि भूल पाऊंगा तुझे
फिर वो राख समेटना रोना पछताना याद आता है मुझे

sir i dnt have words to say to praise these lines
really touching lines
the only thing that i can say u r really a magician of words....
9:07 pm (13 hours ago)
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The Race

नाम था मेरा विकास सब यही कहकर पुकारते थे मुझे
मगर किसी का "तोमर" कहकर बुलाना याद आता है मुझे

these lines are also majestic. i can feel these lines....
first | <> | next >

4:33 pm (2 hours ago)
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Dixit

फिर वो राख समेटना रोना पछताना याद आता है मुझे


ab jaan loge ??? itna senti na likh mere yaara !!!

12:20 pm (6 hours ago)
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रजनीश

तेरा मुझसे खफा रहना तो रोज की ही बात थी
मगर कभी कभी देखकर मुस्कुराना याद आता है मुझे

तस्वीर तेरी गुस्से में जला दी क़ि भूल पाऊंगा तुझे
फिर वो राख समेटना रोना पछताना याद आता है मुझे

वो लड़कपन के दिन थे क़ि रोज दीदार होता था तेरा
और जवानी क़ि दहलीज पर बिछड़ जाना याद आता है मुझे

वो लम्बी छुट्टियों में सब खुश और हुम उदास रहते थे
दिख जाए तू कही तेरे घर के चक्कर लगाना याद आता है मुझे

bahut sundar Dr. Sab
Hakikati Badhaiyan
12:26 pm (6 hours ago)
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unusually busy..

lovely.....

तस्वीर तेरी गुस्से में जला दी क़ि भूल पाऊंगा तुझे
फिर वो राख समेटना रोना पछताना याद आता है मुझे


impressive lines...

4:43 pm (2 hours ago)
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roja

तुझे सोचना भी पाप है क़ि तू किसी और क़ि अमानत है अब
समझता हु में भी मगर यूँ ही वो जमाना याद आता है मुझे


1:18 pm (5 hours ago)

manjeet

तुझे सोचना भी पाप है क़ि तू किसी और क़ि अमानत है अब
समझता हु में भी मगर यूँ ही वो जमाना याद आता है मुझे

tomar sir kuchh meethe se par ek dard smete ehsaas hain yeh achhe lage .... aur bhi likhte rahiye

7:36 pm (15 hours ago)
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Rajni Nayyar

bahut hi chhuta hua hai..

bhaiya dil ko hila diya aapki is rachna ne ..bahut hi chhuta hua hai..
9:38 pm (13 hours ago)
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Aniket"trying

awesome
9:46 pm (12 hours ago)
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UK BOY

तस्वीर तेरी गुस्से में जला दी क़ि भूल पाऊंगा तुझे
फिर वो राख समेटना रोना पछताना याद आता है मुझे ...................really bhut kuch yaad dila gyi apki rachna .......nice creatn vikas ji

Anoop

यादों को याद करा देते है आप .
सुन्दर रचना.
11:01 pm (11 hours ago)

VISHU~ A bike

very nice..remind me of some beautiful days of my life

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