
तू मुझको याद आता है
सुहाने मौसमो में यार तू मुझको याद आता है
मुझे बांहों में भरता है कलेजे से लगता है
चले आओ दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है
महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद नही आती
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
छुपा लू आ तुजे में इस ज़माने क़ि निगाहों से
तू बन जा प्यार क़ि नदिया दिल सागर बन जाता है
तुझे छु लू तुझे पा लू तुझे में चूम लू हमदम
तू मेरी ही अमानत है तेरा क्या इसमें जाता है
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
डॉ. विकास तोमर
18 jan 2010
मुझे बांहों में भरता है कलेजे से लगता है
चले आओ दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है
महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद नही आती
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
छुपा लू आ तुजे में इस ज़माने क़ि निगाहों से
तू बन जा प्यार क़ि नदिया दिल सागर बन जाता है
तुझे छु लू तुझे पा लू तुझे में चूम लू हमदम
तू मेरी ही अमानत है तेरा क्या इसमें जाता है
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
डॉ. विकास तोमर
18 jan 2010
Mar 9 (6 days ago)
✖♥____↘╳↙яαнυℓ↘╳
महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद नही आती
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
sir very nice really....i proud myself dat u r my guru....
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
sir very nice really....i proud myself dat u r my guru....
Mar 9 (6 days ago)
Deepesh
चले आओ दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है
doctor sab ek sawal,
aapke gale mein jo latka hai, wo dhadkane sun.ne kaa aala hai;
ya phir aapki kavitaon ki tijori ko sambhalne kaa taala hai;
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है
doctor sab ek sawal,
aapke gale mein jo latka hai, wo dhadkane sun.ne kaa aala hai;
ya phir aapki kavitaon ki tijori ko sambhalne kaa taala hai;
Mar 9 (6 days ago)
UK BOY
चले आओ दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है ..............bhut acha likha h apne sir ji
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है ..............bhut acha likha h apne sir ji
Mar 9 (6 days ago)
°ღ•ĹÚČĶŶ●•٠·˙
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
NICE CREATION TOMAR SIR.... KHUB...
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
NICE CREATION TOMAR SIR.... KHUB...
Mar 9 (6 days ago)
Y@$HIk@
महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद नही आती
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
shaandaar ji
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
shaandaar ji
Mar 9 (6 days ago)
MADHUSUDAN`S
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
bahut khoob vikas ji
bujhne ke dar se to jala nhi karte chirag "taoumar"
roshni dekhni hai gar to andheri raat se kya darna
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
bahut khoob vikas ji
bujhne ke dar se to jala nhi karte chirag "taoumar"
roshni dekhni hai gar to andheri raat se kya darna
Mar 9 (6 days ago)
ipvinder
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
Bahut accha likha hai.... keep sharing
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
Bahut accha likha hai.... keep sharing
Mar 10 (5 days ago)
Rajni Nayyar
चले आओ दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता
छुपा लू आ तुजे में इस ज़माने क़ि निगाहों से
तू बन जा प्यार क़ि नदिया दिल सागर बन जाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
javab nahi bhaiya aapki lekhni ka.......aap bhi kavi sammelno me
jaya karo .....log bekabu ho jayenge apne bhavnao ko sambhalne me..
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता
छुपा लू आ तुजे में इस ज़माने क़ि निगाहों से
तू बन जा प्यार क़ि नदिया दिल सागर बन जाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
javab nahi bhaiya aapki lekhni ka.......aap bhi kavi sammelno me
jaya karo .....log bekabu ho jayenge apne bhavnao ko sambhalne me..
Mar 11 (4 days ago)
manjeet
महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद नही आती
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
waah tomar sir ..... bahut khubsoorat likha aapne
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है आखिर टूट जाता है
waah tomar sir ..... bahut khubsoorat likha aapne
Mar 9 (6 days ago)
charanjit
yeh ghazal jsi behr men app ne likhi hai ,us pe doosri known ghazalein hain
-chalo ik baar phir se ajnabi ban jaayein ham dono
-hazaaron khaahishen aisii ki har khaahish pe dam nikle
-hazaron saal nargis apni benoori pe roti hai
-na bhaiRhii raat mukdi ae,na mere geet mukde ne
ek-do jagah tabdiili ki zaroorat hai
सुहाने मौसमो में यार मुझको याद आता है
मुझे बांहों में भरता है कलेजे से लगता है
चले आओ ki yeh दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है
na महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद bhii आye
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
छुपा लू आ तुजे में इस ज़माने क़ि निगाहों से
तू बन जा प्यार क़ि नदिया sa दिल सागर ho जाता है
तुझे छु लू तुझे पा लू तुझे में चूम लू हमदम
तू मेरी ही अमानत है तेरा क्या इसमें जाता है
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा jo इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है,jo आखिर टूट जाता है
diiwaanaa ko aam taur pe urdu ghazal meiN diwaanaa par allow nahiin karte;hindi men mein nahin jaanata;punjabi men allowed hai
bahut hi khoob koshsih hai,bhaav aur khayaalaat se pur
-chalo ik baar phir se ajnabi ban jaayein ham dono
-hazaaron khaahishen aisii ki har khaahish pe dam nikle
-hazaron saal nargis apni benoori pe roti hai
-na bhaiRhii raat mukdi ae,na mere geet mukde ne
ek-do jagah tabdiili ki zaroorat hai
सुहाने मौसमो में यार मुझको याद आता है
मुझे बांहों में भरता है कलेजे से लगता है
चले आओ ki yeh दिन विरह के मुझसे नहीं कटते
मेरा ही प्यार है तू और मुजको ही सताता है
na महलो के बिछोनो पर मुझे तो नींद bhii आye
सरहना तेरी बाहों का बहुत ही याद आता है
छुपा लू आ तुजे में इस ज़माने क़ि निगाहों से
तू बन जा प्यार क़ि नदिया sa दिल सागर ho जाता है
तुझे छु लू तुझे पा लू तुझे में चूम लू हमदम
तू मेरी ही अमानत है तेरा क्या इसमें जाता है
कभी तो रोशनी होगी मेरे घर के अंधेरों में
दीवाना हर घडी तेरा jo इस दिल को जलाता है
हदें सारी मिटा देगा दीवाना ऐसा "तोमर" है
मगर सपना तो सपना है,jo आखिर टूट जाता है
diiwaanaa ko aam taur pe urdu ghazal meiN diwaanaa par allow nahiin karte;hindi men mein nahin jaanata;punjabi men allowed hai
bahut hi khoob koshsih hai,bhaav aur khayaalaat se pur
Mar 10 (5 days ago)
Narinder
सुहाने मौसमो में यार तू मुझको याद आता है
मुझे बांहों में भरता है कलेजे से लगता है
tomar bhai,,bahut khub likha hai..
कलेजे से लगता है
lagta ke jagah shayad lagaataa hai...typing mistake hai shayad..
consider karein
blessings
मुझे बांहों में भरता है कलेजे से लगता है
tomar bhai,,bahut khub likha hai..
कलेजे से लगता है
lagta ke jagah shayad lagaataa hai...typing mistake hai shayad..
consider karein
blessings
Mar 11 (4 days ago)
डॉ. विकास तोमर
shukria dosto
@ charan jeet g
mein to jo dil me aata hai likha deta hu ... meuje nahi malum bahart ya dusri tech baate kya hoti hai
aapki pritikriya ka shukria
@ charan jeet g
mein to jo dil me aata hai likha deta hu ... meuje nahi malum bahart ya dusri tech baate kya hoti hai
aapki pritikriya ka shukria
.jpg)
हर शब्द में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्तुति ।
ReplyDeletebhut khub likhte hai sir aap
ReplyDeletesach hum aapke fan ho gye hai
apki kavitae zindagi ke bhut kareeb la deti hai sach me
really nice poems