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Mar 16 (23 hours ago)
डॉ. विकास तोमर 
वो तोमर कोई और था
जब भी उँगलियाँ उठी निशाना मेरी ओर था
जिस तरफ देखिये झूठी तोहमतो का शोर था
वो देखते रहे मुझे नफरत भरी निगाहों से
कभी न जान पाए मैं प्यार क़ि एक डोर था
बैठकर सरे महफ़िल करता था ईमान क़ि बातें
मैं ही जानता था मगर वो मेरे दिल का चोर था
वक्त के थपेड़ों ने पत्थर सा बना दिया मुझे
मोम सा पिघल जाते थे हम वो भी एक दौर था
तेरी बेरुखी और तल्खियों ने मार ही डाला उसे
जो तुझसे प्यार करता था वो तोमर कोई और था
डॉ. विकास तोमर
17 feb 2010
जिस तरफ देखिये झूठी तोहमतो का शोर था
वो देखते रहे मुझे नफरत भरी निगाहों से
कभी न जान पाए मैं प्यार क़ि एक डोर था
बैठकर सरे महफ़िल करता था ईमान क़ि बातें
मैं ही जानता था मगर वो मेरे दिल का चोर था
वक्त के थपेड़ों ने पत्थर सा बना दिया मुझे
मोम सा पिघल जाते थे हम वो भी एक दौर था
तेरी बेरुखी और तल्खियों ने मार ही डाला उसे
जो तुझसे प्यार करता था वो तोमर कोई और था
डॉ. विकास तोमर
17 feb 2010
Mar 16 (21 hours ago)
!!~ $@t! ~ 
very nice...tomar sir......
में जानता था जिसे
कहीं ये वही तोमर तो नहीं, नहीं वो तोमर तो कोई और था।
में जानता था जिसे
कहीं ये वही तोमर तो नहीं, नहीं वो तोमर तो कोई और था।
Mar 16 (18 hours ago)
Saurabh 
@ tomar ji..
main aapki kavitaaon ko lagatar follow kar raha hun..aur uska karan hi yahi hai ki aap bahut achcha likhte hain...ye community aap aur anya kai achche kaviyon aur unke chahne walon se hi itni achchi tarah chal rahi hai.....keep up the good work
Mar 16 (17 hours ago)
डॉ. विकास तोमर 
@ sat thanx frnd
@ saurabh
saurabh ji aap jaise acche mitr hai yaha par hame padhte hai apna vakt dete hai
isliye comm chal rahi hai ............. apna pyar banaye rakhe
@ saurabh
saurabh ji aap jaise acche mitr hai yaha par hame padhte hai apna vakt dete hai
isliye comm chal rahi hai ............. apna pyar banaye rakhe
6:22 am (6 hours ago)
pratibha 
aap aise badal sakte hai kya?
to aap wo pehlewale Tomar nahi hai ab???
bahut hi umda likha hai...
to aap wo pehlewale Tomar nahi hai ab???
bahut hi umda likha hai...
11:51 am (1 hour ago)
डॉ. विकास तोमर 
shukria rajni
@ pratibha g
agar badal gaye hote to poem na likh rahe hote pratibha g
hausla afjai ka shukria
@ pratibha g
agar badal gaye hote to poem na likh rahe hote pratibha g
hausla afjai ka shukria
11:52 am (1 hour ago)
amrita 
महफ़िल में ईमान की बातें अब भी करती हूँ,
हमने तो ईमान से दिल दिया था,
अब वो चोर था तो था...
very nice creation sir....too good!!!
हमने तो ईमान से दिल दिया था,
अब वो चोर था तो था...
very nice creation sir....too good!!!
Mar 16 (22 hours ago)
MADHUSUDAN`S
तेरी बेरुखी और तल्खियों ने मार ही डाला उसे
जो तुझसे प्यार करता था वो तोमर कोई और था
bahut badhiya vikas ji
chod di ab karni sharra teri humne
karta tha ja tujhko sajde wo "तोमर"koyi aur tha
जो तुझसे प्यार करता था वो तोमर कोई और था
bahut badhiya vikas ji
chod di ab karni sharra teri humne
karta tha ja tujhko sajde wo "तोमर"koyi aur tha
Mar 16 (17 hours ago)
Gurpreet Maan...
जो तुझसे प्यार करता था वो तोमर कोई और था
bhut khuub jnaab
वक्त के थपेड़ों ने पत्थर सा बना दिया मुझे
मोम सा पिघल जाते थे हम वो भी एक दौर था
Wah g wah ,,, khuub ,,
JEO
वक्त के थपेड़ों ने पत्थर सा बना दिया मुझे
मोम सा पिघल जाते थे हम वो भी एक दौर था
Wah g wah ,,, khuub ,,
JEO
Mar 16 (15 hours ago)
Rajni Nayyar
kabhi 2 mere pas sabd nahi rahte tareef me kahun to kya kahun.......
Mar 16 (15 hours ago)
MADHUSUDAN`S
तौमर जी आपसे एक बीनती है वैसे आप सब से है कोई अर्थी पर कुछ लिख सकता है मेरे यात की तमना है पहली बार ऐसा हो रहा है मैं कीसी पर कुछ लिख नही पा रहा आपका लिखा उसको पसंद होगा तो देलही के सूफी गायक हमसर हयात उसको गायेगा और आपका नाम उनकी एल्बम में दियाजायेगा
9:21 am (3½ hours ago)
manjeet
बैठकर सरे महफ़िल करता था ईमान क़ि बातें
मैं ही जानता था मगर वो मेरे दिल का चोर था
bahut sunder likha hai tomar sir ... keep it up
मैं ही जानता था मगर वो मेरे दिल का चोर था
bahut sunder likha hai tomar sir ... keep it up
Mar 28 (2 days ago)
Pratham Verma 
vikas sir
जब भी उँगलियाँ उठी निशाना मेरी ओर था
जिस तरफ देखिये झूठी तोहमतो का शोर था
Bahut hi achha laga..
जिस तरफ देखिये झूठी तोहमतो का शोर था
Bahut hi achha laga..
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