तन्हाई इस कदर कि जीस्त सूना मकान हो गई
जिन्दगी अपनी समझोतों की दुकान हो गई
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में खड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
डॉ.विकास तोमr
Nov 14
amrita 
sir
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
nice creation!!!
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
nice creation!!!
Nov 14
Vinkal 
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
ji bahut khoob
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
ji bahut khoob
Nov 14
K@\/!t@.... 
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
Bahut achchi lines hai
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
Bahut achchi lines hai
Nov 16
Subhash 
डा0 साहब आपके चित्र से लगता है आप बीमारियों के डाक्टर हैं
लेकिन आपकी कविताए कहती है आप साहित्य मे डाक्टर हैं
लेकिन आपकी कविताए कहती है आप साहित्य मे डाक्टर हैं
Nov 16
RISHI PANDIT /V\ 
Dr. sahab
aap likhtey ho to lagta hai ...shahitya saath saath chal pada ho.....aap humesha likhtey raho yahi dua kartey hai
Nov 17
गोविन्द 
Dr.Saaheb..
तन्हाई इस कदर की जीस्त सूना मकान हो गई
जिन्दगी अपनी समझोतों की दुकान हो गई......................styta se paripun
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी..........kyaa baat hai.....
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना..''''''''''''''डाक्टर साहेब इस शेर में कुछ शायद टाइपिंग मिस्टेक लगी मुझे
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी....................................य ा मैं ही ..नही समझ पा रहा हूँ
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी...........................Superbbbbb bbbbbbbb
जिस दिन मैंने समझा औरो के गम को अपना
राह में खड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी ..shayad kuch aisaa hi hogaa
Bahut hi bahut shubhkaamnaayen...
जिन्दगी अपनी समझोतों की दुकान हो गई......................styta se paripun
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी..........kyaa baat hai.....
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना..''''''''''''''डाक्टर साहेब इस शेर में कुछ शायद टाइपिंग मिस्टेक लगी मुझे
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी....................................य
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी...........................Superbbbbb
जिस दिन मैंने समझा औरो के गम को अपना
राह में खड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी ..shayad kuch aisaa hi hogaa
Bahut hi bahut shubhkaamnaayen...
Nov 19
$HaliNi ... 
तन्हाई इस कदर की जीस्त सूना मकान हो गई
जिन्दगी अपनी समझोतों की दुकान हो गई
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
nice lines...:) :)
जिन्दगी अपनी समझोतों की दुकान हो गई
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
nice lines...:) :)
Nov 21
vandanaa 
awsome ..............
shabdo ka kya taana-baana hai....chotti se rachna hai par bhaav bade ghehre hai...
i really like it.....
:)
shabdo ka kya taana-baana hai....chotti se rachna hai par bhaav bade ghehre hai...
i really like it.....
:)
Nov 22
payal- 
vikas ji
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
ye bohat sunder h
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
ye bohat sunder h
Nov 24
Juhi 
dusroon ke gum mai apne gum bhula dena..
jeena auro ke liye khud ko matr seedi karar dena..!!
Wah wah!! bahut accha
jeena auro ke liye khud ko matr seedi karar dena..!!
Wah wah!! bahut accha
Nov 14
चक्रेश सिंह 
Tomar sir kyabaat hai.....ekdum rang hain ....
yun to matle se lekar saare hi sher achchhe hain par ye waala sher bahot hi kareeb raha dil ke :
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
[\b]
Bahut badhaayi aap ko
yun to matle se lekar saare hi sher achchhe hain par ye waala sher bahot hi kareeb raha dil ke :
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
[\b]
Bahut badhaayi aap ko
Nov 14
→Ħ@r!§Ħ 
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
bahut khob dr. sahab
kya baat kahi apne
doosara sher pahle sher ka jawab maloom deta hain
badhai swikare
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
bahut khob dr. sahab
kya baat kahi apne
doosara sher pahle sher ka jawab maloom deta hain
badhai swikare
Nov 17
• » נソσтι ∂αηg « 
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
vikas ji aapki yeh do panktian hi sab kuch kah gain
aapne to jaise mere dil ki baat kahdi is rachna mein
apni si lagi mujhe yeh rachna
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
vikas ji aapki yeh do panktian hi sab kuch kah gain
aapne to jaise mere dil ki baat kahdi is rachna mein
apni si lagi mujhe yeh rachna
Nov 17
manjeet 
जिन्दगी अपनी समझोतों की दुकान हो गई --- waah tomar sir kya misra hai
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था -- yahan chalne mein hota to jiada sahi lagta
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
ye dono shayer behad pasand aaye
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था - yahan tha ki jagah hai ho jaaye to
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
aap aise hi likhte rahiye aur share karte rahiye
मेरे साथ चलने को सबको ही ऐतराज था -- yahan chalne mein hota to jiada sahi lagta
जिस तरफ मैं चल पड़ा राह सुनसान हो गयी
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
ye dono shayer behad pasand aaye
इस अजनबी दुनिया में "तोमर" कोई तो अपना था - yahan tha ki jagah hai ho jaaye to
तेरी यादें मेरी खुशियों का सामान हो गयी
aap aise hi likhte rahiye aur share karte rahiye
Nov 24
VISHU~ A bike 
जिस दम मैंने समझा औरों के गम को अपना
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
bahut khoob sir ji.....
राह में कड़ी मुश्किलें कुछ आसान हो गयी
bahut khoob sir ji.....

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