
में अब तक भी तड़पता हूँ में तेरी राहें तकता हूँ
तू पहला प्यार है मेरा में कैसे भूल सकता हूँ
तेरे नैनो का में काजल बनू ऐसी मेरी तकदीर नहीं
में अपनी ही इन आँखों से बन के नीर झरता हूँ
तेरी जब याद आती ही तो दिल बैचैन होता ही
जो गम हद से गुजरता है में रो ही पड़ता हूँ
तेरी बाहों में आये तो मुझे वो मौत भी मंजूर
ये तुमको नहीं पता तुम बिन न जीता हूँ न मरता हूँ
जो तू हो सामने मुझको समझ में कुछ नहीं आता
तुजे पाया नहीं लेकिन तुजे खोने से डरता हूँ
ये तेरी याद है या है सुलगती आग का जंगल
में जितना भी बुझाता हूँ उतना ही सुलगता हूँ
कंही मेरी निगाहों में तेरा चेहरा न दिख जाए
में "तोमर" इस जमाने से बच बच के गुजरता हूँ...
तू पहला प्यार है मेरा में कैसे भूल सकता हूँ
तेरे नैनो का में काजल बनू ऐसी मेरी तकदीर नहीं
में अपनी ही इन आँखों से बन के नीर झरता हूँ
तेरी जब याद आती ही तो दिल बैचैन होता ही
जो गम हद से गुजरता है में रो ही पड़ता हूँ
तेरी बाहों में आये तो मुझे वो मौत भी मंजूर
ये तुमको नहीं पता तुम बिन न जीता हूँ न मरता हूँ
जो तू हो सामने मुझको समझ में कुछ नहीं आता
तुजे पाया नहीं लेकिन तुजे खोने से डरता हूँ
ये तेरी याद है या है सुलगती आग का जंगल
में जितना भी बुझाता हूँ उतना ही सुलगता हूँ
कंही मेरी निगाहों में तेरा चेहरा न दिख जाए
में "तोमर" इस जमाने से बच बच के गुजरता हूँ...
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