Saturday, May 21, 2011



दिल जो चाहता है उसे बस वही  कर जाने दो  
मेरे काँधे से शराफत का ये बोझ उतर जाने दो 

जीते जी मेरे खुदा मैं तुम्हे कभी  छू न पाऊंगा 
सिर्फ इतना करो मुझे अपने आगोश में मर जाने दो  

ज़माने की बंदिश  रिवाजों के बंधन  तोड़ दो  
अपनी बांहों में बस एक रात गुजर जाने दो 

तुमसे मिले हैं बरसों के बाद अब तो गले लगा लो 
आँखे मूँद लो और वक़्त को यहीं ठहर जाने दो  

जाने कैसी सूरत है  मेरी हर आइना ठुकराता है  
ऐ सनम मुझे अपनी आँखों में सँवर    जाने दो 

डॉ. विकास तोमर


17 may 2011

गोविन्द मिश्र

Superbbbb Dear..........Superbbbbbb....

दिल जो चाहता है उसे बस वही कर जाने दो
मेरे काँधे से शराफत का ये बोझ उतर जाने दो

जीते जी मेरे खुदा मैं तुम्हे कभी छू न पाऊंगा
सिर्फ इतना करो मुझे अपने आगोश में मर जाने दो

ज़माने की बंदिश रिवाजों के बंधन तोड़ दो
अपनी बांहों में बस एक रात गुजर जाने दो

तुमसे मिले हैं बरसों के बाद अब तो गले लगा लो
आँखे मूँद लो और वक़्त को यहीं ठहर जाने दो

जाने कैसी सूरत है मेरी हर आइना ठुकराता है
ऐ सनम मुझे अपनी आँखों में सँवर जाने दो
May 21 (4 days ago)

jyoti dang

dr vikas ji aapka swagat hai is sabha pe

ek behtreen gazal likhi aapne

shubhkamnayen
May 24 (1 day ago)

kishor

bahut sun


Ravi jagnani.... 

kya baat hai dr. saahab..............bahut badhiyan........ek aur behtarin kavita aapki kalam se
May 23 (2 days ago) 
delete

rajanikant 

wah....
bahut khub.
May 23 (2 days ago) 
delete

RISHI PANDIT ♥ღ♥ 

Dr. sahab maza aa gaya...

bahut achche Dr. sahab...
May 23 (2 days ago) 
delete

shaun 

DOC ji

sharafat ka bojh aap kabhi nahi utar payenge...


suman singh क्या खूब कह डाला विकास....
''सिर्फ इतना करो.,, मुझे.... अपने आगोश में मर जाने दो ''.......
मार्मिक............ 
May 23
तोता ****** जाने कैसी सूरत है मेरी हर आइना ठुकराता है
ऐ सनम मुझे अपनी आँखों में सँवर जाने दो
.......bahut sunder tomar ji...good night 
May 23
vishu - its time ... जीते जी मेरे खुदा मैं तुम्हे कभी छू न पाऊंगा
सिर्फ इतना करो मुझे अपने आगोश में मर जाने दो

ज़माने की बंदिश रिवाजों के बंधन तोड़ दो
अपनी बांहों में बस एक रात गुजर जाने दो
...mere paas shabd nahii hai taarif ke..
Read full reply4:00 PM



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